एसिड अटैक पीड़ितों को मिलेगी रेल किराये में छूट, रोगी श्रेणी शामिल पर सहमति

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बाद रेल मंत्रालय तैयार कर रहा है ड्राफ्ट पॉलिसी

शिवानी सिंह

नई दिल्ली, 5 अक्तूबर।
देश में एसिड अटैक पीड़ितों के सुलभ इलाज को लेकर रेलवे एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बाद रेल मंत्रालय ऐसे पीड़ितों को रोगी श्रेणी में शामिल कर उन्हें रेल यात्रा किराए में रियायत देने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है। इसके लिए रेलवे एक विस्तृत ड्राफ्ट नीति तैयार कर रहा है, जिससे नियमों में आवश्यक संशोधन कर पीड़ितों को देश भर के विशेषज्ञ अस्पतालों तक आने-जाने के लिए आर्थिक राहत दी जा सके।
रेलवे मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि गत 16 अगस्त 2026 में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एसिड पीड़ितों के दूर-दराज के विशेषज्ञ अस्पतालों में बार-बार होने वाले इलाज और सर्जरी के लिए यात्रा खर्च पर चिंता जताई। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या इन्हें गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की तर्ज पर रेल किराये में रियायत दी जा सकती है। अदालत के इस रुख के बाद रेलवे मंत्रालय में एसिड अटैक पीड़ितों को चिकित्सा यात्रा के दौरान मरीज श्रेणी का लाभ देने पर सैद्धांतिक सहमित बनी है।
सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित ड्राफ्ट नीति में केवल उन्हीं एसिड अटैक पीड़ितों को रेल किराये में छूट का पात्र माना जाएगा जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत पंजीकृत और मान्यता प्राप्त हैं। इसमें उनके फॉलो-अप चेकअप, सर्जरी और मेडिकल रिहैबिलिटेशन की यात्राओं में किराये में रियायत दी जाएगी। प्रस्तावित ड्राफ्ट में टिकट बुक करने के लिए आवश्यक दिव्यांगता प्रमाण पत्र का ऑनलाइन सत्यापन, आवेदन की प्रक्रिया, रियायत का प्रतिशत, मरीज के सहयोगी) को मिलने वाली छूट और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ऑडिट तंत्र जैसे तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके बाद अक्तूबर के अंत अथवा नवंबर के प्रथम सप्ताह में रेलवे प्रस्तावित ड्राफ्ट नीति को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद रेलवे मंत्रालय एक आधिकारिक परिपत्र जारी करेगा। देश भर के रेल काउंटरों और ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली में यह सुविधा पूर्ण रूप से लागू कर दी जाएगी और एसिड अटैक पीड़ित रेलवे के 12वीं रोगी श्रेणी में शामिल हो जाएंगे।
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भारतीय रेलवे की वर्तमान में कैंसर, थैलेसीमिया, टीबी, हार्ट सहित कुल 11 प्रकार की गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इलाज-चेकअप के लिए यात्रा करने पर किराये में अलग अलग श्रेणियों में 50 से 100 फीसदी तक की रियायत दी जाती है। उनके सहायकों को भी यह सुविधा मिलती है। एसिड मरीजों को भी बार-बार प्लास्टिक र्जरी, स्किन ग्राफ्टिंग या फॉलो-अप के लिए बड़े अस्पतालों जाना पड़ता है, उनकी अनुमानित संख्या 1,500 से 2,500 के आसपास है।