बिना दफ्तर दौड़े घर बैठे वोटर लिस्ट में जुड़ेंगे नाम

चुनाव आयोग ने बीएलओ को दिए घर-घर जाने के निर्देश
मतदाता पहचान पत्र

शिवानी सिंह

नई दिल्ली।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से छूट गए हैं या जिनके दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी पाई गई है, उनके लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एक बड़ी राहत दी है। अब ऐसे मतदाताओं को चुनाव कार्यालयों (ईआरओ-एईआरओ ऑफिस) के चक्कर काटने या सुनवाई के लिए जाने की कोई जरूरत नहीं होगी। आयोग के नए आदेश के अनुसार, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) खुद ऐसे लोगों के घर-घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें सीधे ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड करेंगे। असाधारण मामलों में ही यदि सुनवाई की आवश्यकता पड़ी, तो वह ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी, जिसमें मतदाता अपनी जगह परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को भी अधिकृत कर सकता है।

आयोग ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों का ध्यान रखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिया है कि वे रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघरों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए जरूरत के मुताबिक विशेष कैंप लगाएं और हेल्प डेस्क स्थापित करें। इसके साथ ही 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का काम पूरा हो चुका है। यदि किसी नागरिक या पहली बार वोट देने वाले युवा का नाम सूची में शामिल होने से रह गया है, तो वे सतत अपग्रेड प्रक्रिया के तहत फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को तुरंत विशेष नामांकन अभियान चलाने का आदेश दिया गया है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्त डॉ. एस. एस. संधु और डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में आयोजित हुई उच्चस्तरीय बैठक में चुनावी तिथियों में भी ढील दी गई है। दिल्ली और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए आयोग ने दावा और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। इसके तहत दिल्ली में अब 30 अक्टूबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी, जिनका निपटारा 30 नवंबर तक किया जाएगा। वहीं, महाराष्ट्र में दावे व आपत्तियां दर्ज करने की समय-सीमा 12 अक्टूबर और उनके निपटारे की तारीख 10 नवंबर 2026 तय की गई है।

तकनीकी पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने ईसीआईनेट सिस्टम की समीक्षा का भी निर्णय लिया है। इसके लिए वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमेंआईआईटी-आईआईआईटी के स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह समिति इस बात की जांच करेगी कि डिजिटल पोर्टल पूरी तरह से अधिनियमों और नियमों के अनुरूप काम कर रहा है या नहीं। इसके अलावा आईटी मॉड्यूल और नए पोर्टलों से जुड़े सभी प्रस्तावों को अब पहले अधिकारी समिति (सीओओ) के सामने चर्चा के लिए रखा जाएगा।
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