पार्कों की सुरक्षा को लेकर एमसीडी सख्त, फेंसिंग से लेकर रोशनी और निगरानी तक बढ़ाई

महिलाओं-बच्चों समेत सभी आगंतुकों की सुरक्षा पर फोकस, माली से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक तय हुई जवाबदेही
अनिल सिंह चौहान
नई दिल्ली।
दिल्ली नगर निगम ने उपराज्यपाल के निर्देशों के अनुपालन में निगम के पार्कों और उद्यानों में आगंतुकों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। पिछले एक सप्ताह में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के परामर्श से पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। एमसीडी के अनुसार पार्कों में फेंसिंग और चारदीवारी को दुरुस्त करने, खाली स्थानों को बंद करने, पर्याप्त रोशनी, प्रवेश-निकास व्यवस्था और नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पेड़-पौधों की नियमित छंटाई कर ऐसे स्थानों को खत्म किया जा रहा है, जहां से दृष्टि बाधित होती है या अंधेरा बना रहता है। टूटी बेंच और खराब लाइट पर होगी तत्काल कार्रवाई, पार्कों में सूखे पत्तों और कचरे की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। टूटे बेंच, क्षतिग्रस्त झूले व खेल उपकरण, खुले तार, नुकीले हिस्से, खराब लाइट, क्षतिग्रस्त गेट और फेंसिंग जैसी असुरक्षित स्थितियों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश क्षेत्रीय अधिकारियों को दिए गए हैं।
माली से वरिष्ठ अधिकारी तक तय निगरानी,
जवाबदेही तय करते हुए माली को प्रतिदिन सफाई और रखरखाव, सुपरवाइजर को दैनिक निरीक्षण तथा उद्यान अधिकारियों को नियमित निगरानी और साप्ताहिक समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी प्रत्येक 15 दिन में पार्कों का निरीक्षण करेंगे। गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एमसीडी ने आरडब्ल्यूए और नियमित पार्क उपयोगकर्ताओं से भी अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधि, असामाजिक तत्वों या किसी असुरक्षित स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन को दें। निगम ने स्पष्ट किया कि पार्कों में प्रवेश को लेकर लिंग या किसी अन्य आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता।
निगम ने नागरिकों और अन्य हितधारकों से पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए हैं। साथ ही महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों सहित सभी नागरिकों के लिए पार्कों को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस, आरडब्ल्यूए और संबंधित विभागों के साथ समन्वय जारी रखने की बात कही है।