Advocate Israr Khan सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट तक विविध कानूनी मामलों को संभालते हैं

कानूनी प्रैक्टिस में आपराधिक मामले, जमानत, संपत्ति और पारिवारिक विवाद, रेरा, डीआरटी और संवैधानिक कार्यवाहियां शामिल
अनिल सिंह चौहान
नई दिल्ली
एडवोकेट इसरार खान भारत के सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट में कई तरह के मामलों में कानूनी प्रतिनिधित्व और सलाहकार सेवाओं में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। कानून के कई क्षेत्रों में अनुभव और न्यायिक कार्यवाहियों में निरंतर भागीदारी के साथ, वे विविध कानूनी मामलों को संभालने के लिए जाने जाते हैं।
एडवोकेट इसरार खान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) से जुड़े हैं और इंडियन मीडिया फेडरेशन के राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार के रूप में भी कार्यरत हैं। वे विशेष रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित मामलों के साथ-साथ हत्या और बलात्कार जैसे आरोपों वाले आपराधिक मामले, अग्रिम जमानत और नियमित जमानत से संबंधित मामलों को देखते हैं। उनकी कानूनी प्रैक्टिस आपराधिक मुकदमेबाजी तक ही सीमित नहीं है। वे संपत्ति विवाद, वैवाहिक और पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस मामले, मोटर दुर्घटना मुआवजा दावे, सरकारी और निजी सेवा मामले और बैंकिंग से संबंधित विवादों में भी मुवक्किलों का प्रतिनिधित्व और सलाह देते हैं। एडवोकेट इसरार खान महत्वपूर्ण न्यायिक और अर्ध-न्यायिक मंचों जैसे कि केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी), रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (आरईआरए), डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी)और डेट रिकवरी अपीलेट ट्रिब्यूनल (डीआरएटी) के समक्ष मामलों को भी संभालते हैं। उनकी प्रैक्टिस में वित्त मंत्रालय से संबंधित मामले, वीजा रद्दीकरण के खिलाफ अपील और हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कार्यवाही, जिसमें विशेष अनुमति याचिकाएं (एसएलपी), ट्रांसफर याचिकाएं (टी पी)और रिट याचिकाएं शामिल हैं,भी आती हैं। कानूनी कार्यवाही में, प्रत्येक मामले के तथ्यों, दस्तावेजों और लागू कानूनी प्रावधानों की जांच करने पर जोर दिया जाता है, जिसके बाद मामले को न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत किया जाता है। एडवोकेट इसरार खान का मानना है कि हर मामले के अपने तथ्य और परिस्थितियां होती हैं, और इसलिए कानूनी सलाह संबंधित मामले के तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही दी जानी चाहिए।