नई दिल्ली, अनिल सिंह चौहान
देश की बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर के पटरियों पर उतरने से पहले रेलवे बोर्ड ने इसके कैटरिंग सिस्टम को पूरी तरह री-इंजीनियर करने की मुकम्मल तैयारी कर ली है। ट्रेन में शुद्धता, सेहत और यात्रियों की व्यक्तिगत पसंद को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने देश-विदेश की दिग्गज फूड इंडस्ट्री और टॉप एफएमसीजी ब्रांड्स के साथ हाथ मिलाकर शत-प्रतिशत रेडी-टू-ईट मॉडल लागू करने का फैसला किया है। वहीं, पहली बार, दाल-चावल और रोटी-सब्जी वाली पारंपरिक भारी-भरकम थाली के ढर्रे को बदलकर उसे स्मार्ट और मॉडर्न डिश का रूप देने पर गंभीरता से विचार चल रहा है।
रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सरकार का विजन वंदे भारत स्लीपर को केवल एक ट्रेन बनाए रखने का नहीं, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर भारत का नया सिग्नेचर ब्रांड के रूप स्थापित करना है। ताकि यह लग्जरी, तकनीक और स्वाद के मामले में जापान की शिनकानसेन और यूरोप की यूरोस्टार जैसी दुनिया की सबसे एडवांस ट्रेनों की लीग में शान से खड़ी हो सके। उन्होंने बताया कि हाई टेक वंदे भारत में पारंपरिक खाने की शिकायतों को लेकर रेलवे इस ब्रांड पर दाग नही लगाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वाद और 100 प्रतिशत शुद्धता देने के लिए रेलवे बोर्ड देश के बड़े फूड कॉर्पोरेट्स के दिग्गजों को ऑन-बोर्ड लाने जा रहा है। इसमें आईटीसी, हल्दीराम, एमटीआर और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे स्थापित ब्रांड्स के साथ स्पेशल पार्टनरशिप की तैयारी है। देश के नामचीन सेलिब्रिटी शेफ्स इस ट्रेन के लिए एक ऐसा मेन्यू डिजाइन कर रहे हैं, जो पचने में आसान (लाइट) होने के साथ-साथ प्रीमियम क्वालिटी का हो। खाना पूरी तरह से वैक्यूम-सील्ड और इंटरनेशनल हाइजीन मानकों पर पैक होगा।
ट्रेन के अत्याधुनिक मिनी-किचन में बिना इंसानी हाथ लगे, स्टीम और यूवी हीटिंग के जरिए महज कुछ मिनटों में यह भोजन अपनी मूल ताजगी, खुशबू और पोषक तत्वों के साथ यात्रियों के सामने होगा। इसके अलावा पारंपरिक थॉली को मॉर्डन बनाएगी। लीक-प्रूफ और कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ पारंपरिक एल्युमिनियम फॉयल और प्लास्टिक की कटोरियों की छुट्टी होगी।
इनकी जगह बायो-डिग्रेडेबल और एर्गोनॉमिकली डिजाइन्ड कॉम्पैक्ट बॉक्स लेंगे, जो हाई-स्पीड पर भी नहीं छलकेंगे। भारी-भरकम तेल-मसाले वाली पारंपरिक थाली की जगह कैलोरी और न्यूट्रिशन भोजन को जगह मिलेगी। इसमें बाजरा-मिलेट्स आधारित आधुनिक सूप, कस्टमाइज्ड सलाद, बेक्ड स्नैक्स और कॉन्टिनेंटल-इंडियन फ्यूजन व्यंजन शामिल होंगे, जो रात के सफर में पेट के लिए हल्के हों। इस प्रस्ताव पर रेलवे बोर्ड की मुहर लगानी बाकी है।
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रेलवे का सबसे प्रीमियम और फ्लैगशिप ब्रांड है, इसलिए इसकी कैटरिंग का किराया भी उसी स्तर का होगा। सूत्रों के मुताबिक वंदे भारत स्लीपर का कैटरिंग चार्ज मौजूदा राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक अधिक हो सकता है।
हालांकि, यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय ही खाना न लेने का विकल्प की सुविधा मिलेगी।
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रेलवे बोर्ड के सूत्रों के अनुसार वंदे भारत स्लीपर को देश के सबसे व्यस्त और हाई-स्पीड क्षमता वाले ट्रंक रूट्स पर उतारा जाएगा। इसमें दिल्ली – मुंबई रूट, दिल्ली – कोलकाता (हावड़ा) रूट, बेंगलुरु – चेन्नई रूट
दिल्ली – पटना-वाराणसी रूट प्रमुख है।
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