नशा मुक्त पंजाब यात्रा का जालंधर में समापन, अमित शाह बोले- 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने का संकल्प

शिवानी सिंह
नई दिल्ली।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन कार्यक्रम को संबोधित किया। 18 सितंबर से शुरू हुई यह यात्रा 13 दिनों में पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद जालंधर पहुंची। इस दौरान लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने और युवाओं को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया।

अमित शाह ने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे। उन्होंने दावा किया कि 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को चिट्टे के कारोबार से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार को रोकने के साथ पंजाब से दूसरे राज्यों में होने वाली मादक पदार्थों की आपूर्ति पर भी रोक लगाई जाएगी।

चार मार्गों से होकर गुजरी यात्रा

नशा मुक्त पंजाब यात्रा की चार अलग-अलग यात्राएं पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से शुरू हुई थीं। इन यात्राओं ने पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया और करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की। यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संवाद कर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया।

नशे से प्रभावित परिवारों से मिले अमित शाह

समापन कार्यक्रम से पहले अमित शाह ने जालंधर में नशे की समस्या से प्रभावित कुछ परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों की समस्याएं सुनीं और नशे के खिलाफ लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने की बात कही। इसके बाद उन्होंने यात्रा के समापन कार्यक्रम को संबोधित किया।

पंजाब की पहचान किसान और जवान से जुड़ी

अमित शाह ने अपने संबोधन में पंजाब के किसानों और जवानों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब के किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जबकि देश की सुरक्षा में भी पंजाब के लोगों और जवानों ने बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अब पंजाब को नशे की समस्या से मुक्त कराने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।