आर्थिक तंगी से अकादमिक उपलब्धि तक “एनएफएससी” ने तेलंगाना की यतला श्रावंती के शोध सफर को दी नई उड़ान

अनिल सिंह चौहान
नई दिल्ली, 28 सितंबर।
आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उच्च शिक्षा और शोध जारी रखने की इच्छाशक्ति रखने वाली तेलंगाना की 37 वर्षीय यतला श्रावंती ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति  फेलोशिप(एनएफएससी) योजना की मदद से वनस्पति विज्ञान में अपना शोध सफलतापूर्वक पूरा किया।
करीमनगर जिले की निवासी श्रावंती को वर्ष 2017 से एनएफएससी के तहत आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हुई। उन्हें फेलोशिप के साथ हाउस रेंट अलाउंस और आकस्मिक (कंटीजेंसी) सहायता सहित कुल करीब 21 लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई। शोध के शुरुआती दौर में श्रावंती के सामने गंभीर आर्थिक चुनौतियां थीं। परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के कारण किताबों, शोध सामग्री, उपकरणों और छात्रावास जैसी आवश्यकताओं का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। इन परिस्थितियों का असर उनकी पढ़ाई और शोध पर भी पड़ रहा था। संस्थागत आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्हें अपने शोध कार्य पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला। एनएफएससी के माध्यम से मिली सहायता ने न केवल उनकी आर्थिक बाधाओं को कम किया, बल्कि उन्हें डॉक्टरेट स्तर की शिक्षा पूरी करने में भी सहयोग दिया। यह उदाहरण दर्शाता है कि समय पर मिलने वाली संस्थागत सहायता आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और उन्नत शोध जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। देश में उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में ऐसे सहायता कार्यक्रम योग्य विद्यार्थियों के लिए अवसरों का विस्तार करने में सहायक हैं।