योगी ने 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, गांवों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को मिलेगी मजबूती

नई दिल्ली। शिवानी सिंह

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंच से 11 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों की तैनाती से ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों के संचालन और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। ग्राम पंचायत अधिकारी पंचायत प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं और सरकारी योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर लागू कराने के साथ पंचायत से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में उनकी अहम भूमिका होती है।

कार्यक्रम के दौरान नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों ने चयन और नियुक्ति से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। ग्रामीण विकास पर आधारित एक विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। नवचयनित अधिकारियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी व्यवस्था की गई है।

ग्राम सचिवालयों में बढ़ाई जा रहीं सुविधाएं

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थापित ग्राम सचिवालयों को सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। इन सचिवालयों में बिजली, इंटरनेट, कंप्यूटर और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

पंचायतों को ऑनलाइन सेवाओं से 4.27 करोड़ रुपये की आय

पंचायती राज मंत्री के मुताबिक साझा सेवा केंद्रों के माध्यम से विभिन्न सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से ग्राम पंचायतों को करीब 4.27 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसके साथ ही तालाबों के पट्टों से मिलने वाले राजस्व में पंचायतों के हिस्से की राशि संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

नवनियुक्त अधिकारियों को गांवों में मिलेगी अहम जिम्मेदारी

नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पंचायत से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से संबंधित जिम्मेदारियां निभानी होंगी। नई नियुक्तियों से पंचायतों में उपलब्ध मानव संसाधन बढ़ने और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों के संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है।