शिवानी सिंह
नई दिल्ली।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य नेताओं की हिरासत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन प्रस्तावित था। इसी बीच, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि यदि अभिजीत दीपके और अन्य हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को जारी अपने संदेश में कहा कि उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने जा रहे इतनी बड़ी संख्या में लोगों को इस प्रकार हिरासत में लिया जाएगा। उन्होंने सरकार से अगले चौबीस घंटे के भीतर सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की जोरदार अपील की है।
मिली जानकारी के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। जैसे ही पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक सौरव दास तथा आशुतोष रांका विमान से उतरे, दिल्ली पुलिस ने हवाई अड्डे पर ही उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने यह एहतियाती कार्रवाई प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर की। पार्टी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए अपने नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग उठाई है।
इस घटनाक्रम के बाद से राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारियों के मुताबिक, सफदरजंग हवाई अड्डे के पास भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे और पुलिस ने प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाकर सुरक्षा बढ़ा दी। विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग समूहों में विरोध प्रदर्शन करते देखा गया है।
सोनम वांगचुक की इस कड़ी चेतावनी और अल्टीमेटम के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई पर टिकी हुई हैं। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से इनकी रिहाई या सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
